Wednesday, February 20, 2019

इंजीनियर अपना बिज़नेस चुनने से पहले ये गलतीयो को समजो?

इंजीनियर अपना बिज़नेस चुनने से पहले ये गलतीयो को समजो?

अच्छा बिज़नेस कौनसा होगा?

                        जैसे कि पहले ब्लॉग में हमने बताया था कि, इंजिनीरिंग एक बहुत बड़ा फील्ड है। यहाँ आप कुछ भी कर सकते है। और आप उसमें आपका पूरा करियर कर सकते हैं। इंजीनियरिंग यही एक ऐसा फील्ड हैं। जिसमें आपके जीवन और दिनचर्या की सभी चीजें निर्भर होती है। हर एक चीज के पिछे इंजीनियरिंग का बहुत बड़ा योगदान हैं। तो आपको अगर बहुत कोशिश करने के बाद भी जॉब या कहाँ पे नोकरी नही मिली तो तो चिंता करने की कोई भी जरूरत नहीं है।



                         आप बेज़िज़क आपका बिज़नेस शुरू कर सकते हैं। लेकिन कौनसा बिज़नेस करना है। ये सोचने के लिए थोड़ा वक्त लगेगा। और आपको इसपे थोड़ा विचार विनिमय करना पड़ेगा।



आपनें किसी फिल्म में ये डायलॉग सुना "कोई धंदा छोटा नही होता। और धंदेसे बड़ा कोई धर्म नही होता।" इसके पहले वाक्य पर हम थोड़ा सोचते हैं। 

                        कोई धंदा छोटा नही होता। हां, ये बात 100% सच हैं। हम इसको अपने इंजीनियरिंग फील्ड से जोड़ लेते हैं।
                        अगर आप मैकेनिकल इंजीनियर हैं। और आपको लाख कोशिश करने के बाद भी जॉब नही मिला तो आप ज्यादा मत सोचों, एक स्क्रू बनाके लाखो की फैक्टरी खड़ी कर सकतें हैं।
                         अगर आप सिविल इंजीनियर हैं। और आपको कहीं जॉब नही मिला तो आप छोटे कॉन्ट्रेक्टर बन सकते हैं। और करोड़ों की कंपनी खड़ी कर सकते हैं।या फिर कंस्ट्रक्शन में लगने वाले कोई भी प्रोडक्ट बनाने की या बेचने की कंपनी खड़ी कर सकते हैं।


लेकिन बात यहाँ पे पे आके अटकती हैं कि, करें भी तो क्या करें?

ये बातें जानने के लिए आपको मार्किट का सर्वे करना पड़ेगा। और नीचे दिए गए मुद्दों को समझना पड़ेगा।

1. मार्केट मे सबसे ज्यादा क्या बिकता हैं?
2. कौनसे बिज़नेस में ज्यादा प्रॉफिट हैं?
3. कौनसा बिज़नेस करने के लिए सही साबित होगा?
4. जो बिज़नेस आप शुरू करने जा रहे हैं, तो आपके प्रतिस्पर्धी कहा और कैसे बिज़नेस कर रहे हैं?
ये सब बातें जानने के बाद, आप आपको ये सोचना पड़ेगा, या ये जानना पड़ेगा कि आपकी एक्सपर्टीज किसमे हैं?

मतलब वहीं चुनिए जो आपको बहुत ज्यादा पसंद हैं।
लेकिन उस बिज़नेस के बारे में ये बातें जरूर जान लें की....



1. आपको उसके बारे में पूरा नॉलेज है।

जो बिज़नेस करने के लिए आपको को अच्छा लगता है, उसके अरे में पूरा नॉलेज लीजिए। उस बिज़नेस का छोटे से चोट पॉइंट भी मई छोड़िए। इसलिये आपको मार्किट का सर्वे करना बहुत एहमियत रखता हैं। उससे आपको सब पता चलेगा कि काउनसे बिज़नेस में कितना दिमाग, कष्ट, और पैसा लगाना पड़ेगा।



                                   जो बिज़नेस आपको करना है उसका पुस्तकीय और प्रक्टिकल नॉलेज लेना बहुत महत्वपूर्ण होता हैं। जिसको कभी भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आपकी एक भूल भी आपका बिज़नेस बंद करवा सकती हैं या आपको बहुत बड़ा नुकसान दे सकती हैं। बिज़नेस में कोई भी रिश्तों या नातो की उलज़न में मत पड़ो। बिज़नेस सेट होने तक उससे से ज्यादा किसीको भी ज्यादा स्थान मत दो। और किसी गैर पर भी ज्यादा भरोसा मत करो। अगर आप पार्टनरशिप कर रहे हो तो हर एक बात पार्टनर के साथ शेअर करो। कोई भी निर्णय लेने से पहले आप दोनों का उसपे पूरा अभ्यास होना ही चाहिए। और हर एक निर्णय का परिणाम तक फॉलोअप तथा पीछा करो और उसे नतीजे तक पहुँचाओ।


2.  वही काम करने के बाद बहुत अच्छा लगते है।

आपको अगर बिज़नेस करने का तरीका मालूम हो गया तो वहीं बिज़नेस शुरू करिये, जो आपको बहुत अच्छा लगता हैं या फिर जो काम करने की बहुत इच्छा है। उस बिज़नेस में आपके आगे कितनी भी कठिनाई हॉगI तो भी आप पीछे मत हटिए।
हर एक व्यक्ति का अपना एक स्पेशिलिटी रहता हैं। उसको ढूंढने की कोशिश करो। 


3. या उस काम के बारे में बहुत ज्यादा नॉलेज लेने की इच्छा है।

हर एक व्यक्ति का अपना एक पसंदीदा विषय रहता हैं। और वो उस विषयके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी लेने की कोशिश करता है। आपको बिल्कुल ऐसा ही सोचना चाहिए। वही विषय के बारे में ज्यादा से ज्यादा नॉलेज लेने की आपकी इच्छा होनी चाहिये। तो वही बिज़नेस चुने जिसकी जानकारी लेनेकी और करने की इच्छा हैं। तो वही बिज़नेस आपको बिज़नेस नही लगेगा आपको वो पैशन लगेगा। आपके मन के अंदर वही बिज़नेस करने का जुनून होगा। 





4. किसी दूसरे का बिजनेस अच्छा प्रॉफिट है तो हम भी वही करेंगे ये कभी भी मत सोचो, जो आप अच्छा कर सकते हो वही करो।
                आपको कोई भी बिज़नेस शुरू करने से पहले बहुत ऐसे "रामभरोसे ग्यानी" (जो खुद कुछ नही करते हैं लेकिन दुसरो को ग्यान बाटते फिरते हैं) लोग मिलेंगे और तरह तरह के तरीके बताएंगे, और उनका कैसे सही हैं ये बताते रहेंगे, या फिर आप जो भी बिज़नेस करने जा रहे हैं वो बिज़नेस कैसे फेल होगा ये बताने की कोशिश करेंगे।

                लेकिन आपको ये बात हर पल मालूम होना चाहिए कि ये आपका बिज़नेस नही हैं ये आपका पैशन हैं, और आपको यही करना है। 


                कोई भी बिज़नेस दूसरों को देखकर न चुनें। इसका इतना प्रॉफिट हुआ, उसका उतना प्रॉफिट हुआ। ऐसी बातों को सुनकर छोड़ दीजिए। अपने जो बिज़नेस आपके लिए चुने हैं वो आपका पैशन है, जुनून हैं।  इसलिए दूसरों के बिजनेस करने के तरीके को समझीये, नाकि उनके बिज़नेस को। 

                  अभी आपको लगेगा कि अगर आप जो बिज़नेस आपको अच्छा लगता है। और मार्किट में वहीं बिज़नेस पहले से ही बहुत अच्छा चल रहा है। तो आपके बिज़नेस स्टार्ट करने से पहले ही बहुत स्पर्धा का सामन करना पड़ेगा। तो आपकी सोच गलत हैं। आपको अगर मालूम है कि आपके बिज़नेस के प्रतिस्पर्धी पहले से ही मार्किट में मौजूद हैं और उनका बिज़नेस आपसे बहुत बड़ा है। तो आपको आपका बिज़नेस करने का तरीका बदलना होगा। किसी भी हाल में बिज़नेस न बदले क्योंकि वो अब आपका पैशन बन चुका हैं।



बिज़नेस करना अलग तरीका कैसे होता हैं इसलिए एक उदाहरण देता हूँ।
                 दुनियाभर में हर एक शहर में हर एक गली में टैक्सी और ऑटो मिलती थीं पर फिर भी ओला और उबेर ने वही बिज़नेस शुरू किया लेकिन उसको अलग तरीके से किया। और आज नतीजा आपके सामने है। और हैरत की बात ये हैं कि उनकी खुद की एक भी कर या ऑटो नही है।


  तो खुद को समजो बिज़नेस को समजो और फिर स्टार्ट करो।


Team CBEC India
Construction Billing Estimation Consultancy

Thursday, February 14, 2019

बेरोजगार इंजीनियर को ये 2 काम करना चाहिये

बेरोजगार इंजीनियर को ये 2 काम करना चाहिये

                         आज कल विश्व में बेरोजगार ये बहुत बड़ी समस्या खड़ी होने लगी है। इंडिया में तो अभी भी यह बहुत बड़ी समस्या है। इसका कारण है। बढ़ती हुई आबादी, और यांत्रिकीकरण। सभी क्षेत्रों में यही बढ़ती हुई समस्या है। बहुत सारे युवा बेरोजगार है। लेकिन इन युवाओं को क्या करना चाहिए ताकि ये अच्छा रोजगार पा सकें। इसी विषय पर यहाँ जानकारी देंनेकी कोशिश करेंगे। 
                          अभी हम बेरोजगार इंजीनियर के बारे में बात करेंगे। अगर आप फ्रेशर इंजीनियर है। और आपको लाख कोशिशों के बावजूद भी कोई कंपनी में नौकरी नही मिली। तो पहले ये तीन मुद्दों को पढ़े। और खुद को कौनसी कोशिश करना चाहिए यह तय कीजिये।



1. एक साल जॉब सर्च करना।

                   अगर आप फ्रेशर है। तो आपको कम से कम एक साल जॉब मिलने के लिए कोशिश करना चाहिए। मतलब सरकारी नौकरी हो या कोई छोटी मोटी कंपनी में जूनियर इंजीनियर की नोकरी के लिए लगातार एक साल तक करना चाहिए।
                    जॉब कैसे सर्च करने है। और इंटरव्यू कैसे फेस करना है, इसकी जानकारी हमारे पहले ब्लॉग में पढ़ सकते है।
                     अगर फिर भी कहीं पे भी नौकरी न मिले तो आपको नाराज नही होना चाहिए। आपको दूसरा तरीका चेक करना चाहिए।


2. खुद का बिज़नेस स्टार्ट करना।

हाँ दोस्तों, आपको बिज़नेस के बारे में ही सोचना पड़ेगा। लेकिन आप सोच सोच रहे रहेंगे की पहले से ही जॉब नही मिल रहा है। अब बिज़नेस कैसे मिलेगा? उसके लिए इन्वेस्टमेंट कहा से लेके आएँगे? मार्केट में पहले से ही इतने कॉन्ट्रेक्टर भरे पड़े है? अब मैं शुरू करूँगा तो कैसा होगा? ऐसे कई सवाल आपके मन में आयें होंगे। लेकिन फिर भी हम कहते है कि आप बिज़नेस कर बारे में ही सोचे नाकि कोई नोकरी के बारे में, क्योंकि अपने पहले ही नोकरी के लिए अपना एक साल वेस्ट किया है। तो अब फिर उसके बारे में सोचकर क्या फायदा?


बिज़नेस स्टार्ट करने के पहले खुदसे ये सवाल कीजिये?

1. मुझे बिज़नेस क्यों करना चाहिए?
2. कौनसा बिज़नेस मेरे लिए अच्छा होगा?
3. बिज़नेस स्टार्ट करने के बाद वो सेट होने तक मेरे पास उतने पेशन्स हैं क्या?
4. बिज़नेस के लिए इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं क्या?

अभी इन सवालों के जवाब ढूंढने की कोशिश करते हैं

1. बिज़नेस क्यों करना चाहिए?

आपने नोकरी मिलने के लिए पहले ही बहुत वक्त बेकार किया है। लेकिन ओ मिली नही। इसका एक और कारण है कि नौकरी आपके लिए नही बनी है। इसका मतलब इस फील्ड में आप नौकरी करने के लिए नही आये हैं, तो आपको बिज़नेस करने के लिए ही आये है।

2. अच्छा बिज़नेस कौनसा होगा?

इंजिनीरिंग एक बहुत बड़ा फील्ड है। यहाँ आप कुछ भी कर सकते है। लेकिन वहीं कीजिये जो आपको बहुत ज्यादा पसंद हैं।

अपने पसंद का बिजनेस कैसे चुने?

1. आपको उसके बारे में पूरा नॉलेज है।
2.  वही कम  करने के बाद बहुत अच्छा लगते है।
3. या उस काम के बारे में बहुत ज्यादा नॉलेज लेने की इच्छा है।
4. किसी दूसरे का बिजनेस अच्छा प्रॉफिट है तो हम भी वही करेंगे ये कभी भी मत सोचो, जो आप अच्छा कर सकते हो वही करो।

                     यह एक बहुत बड़ा विषय हैं। इसको हम अगले ब्लॉग में पूरा करने की कोशिश करेंगे। आपने आपका बिज़नेस चुनने के बाद उसके बारे में पूरी से पूरी जानकारी लेनी चाहिए।

                    हर बिज़नेस करने का अपना एक अलग तरीके होता हैं। और वो तरीका कोई भी आसानी से नही बताता है। हर एक बिज़नेस के कई छोटे छोटे पॉइंट रहते है। जो नए लोग नही फॉलो करते हैं और वो फेल हो जाते हैं। और उसका दोष किसी और को देते रहते है। इसलिए उस बिज़नेस की पूरी से पूरी जनकारी ले।
                    हमारे सुज़ाव से आपको आपके फील्ड के रिलेटेड ही बिज़नेस चुनना चाहिए। तकि आपको उसकी सब जानकारी लेने में कोई दिक्कत नही आयेंगी। आपको पहले से ही टेक्निकल नॉलेज रहता ही हैं, बस प्रैक्टिकल के बारे में जानकारी लेके आप आपका बिज़नेस स्टार्ट कर सकते है। 


3. बिज़नेस स्टार्ट होने तक पेशन्स रखना।

                             आज बहुतलोग बिज़नेस स्टार्ट करते हैं। लेकिन पेशन्स नही होने के कारण वो बिज़नेस बंद हो जाता हैं। सबको बिज़नेस स्टार्ट होने के बाद तुरंत बडा होना हैं। लेकि ऐसा कही भी और कहीं भी नही होता। पेशन्स रखने के लिए नीचे दिए हुये सवाल एकबार खुद से पूछ लो, और फिर देखों।
1. आपने आपकी डिग्री कम्पलीट करने के लिये कितना समय लिया?
उत्तर: कम से कम 4 साल
2. नौकरी मिलने में कितना वक्त बर्बाद किया?
उत्तर: 1 साल

तो इससे कम समय मे आप आपका बिज़नेस सेट कर सकते है। उसका 1000 x 1000 यह फार्मूला हैं।
1000 दिन आपको यह बिज़नेस चलना होगा। फिर यही बिज़नेस 1000 महीना आपको चलाएगा।
1000 दिन- 2.73 साल
1000 महीना- 84.33 साल
इसका मतलब आप अगर लगातार 3 साल तक यही बिज़नेस चलायेंगे। तो ये 85 साल आपको चलायेगा। लेकिन उसके लिए आपके पास उतने पेशन्स चाहिए। और थोड़ा लॉस हो गया तो भी उसको झेलने की कोशिश करना चाहिये।


4. बिज़नेस के लिए इन्वेस्टमेंट कैसे करें?

                        डिग्री कम्पलीट होने के लिए ही कम से कम 4 से 5 लाख रुपए खर्च करने के बाद और एक साल ऐसे ही बर्बाद करने के बाद कोई भी इंसान बिज़नेस में इन्वेस्ट करने के लिए राझी नही होता हैं। लेकिन कई ऐसे तरीके है जिनसे आप 0 इन्वेस्टमेंट में आपका खुद का बिजनेस स्टार्ट कर सकते हैं।



उदाहरण के तौर पर एक बताता हैं, अगर आपको ये अच्छा लगा तो आप इसे फॉलो कर सकते हैं।
1. खुद के बिजनेस की प्रोफाइल बनाइये। जो हम आपको मुफ्त में बनाके दे रहे हैं।
2. आपके पहचान वाले कॉन्ट्रेक्टर से जाके मिलिए।
3. जो आपके बिज़नेस के रिलेटेड कॉन्ट्रैक्टर हैं उनकी लिस्ट बनाइये। जो लिस्ट यहाँ पे भी उपलब्ध हो रही हैं।
4. अब आपको आपके प्रोफाइल को सभी बिल्डर, बड़े कॉन्ट्रैक्टर से जाके मिलिए।
5. उनके साथ आपका प्रोफाइल शेअर कीजिए।
6. धीरे धीरे आपको उनकी तरफ से कॉल आने शुरू होने लेगेंगे, आप उनसे मिलके क्या काम हैं वो देख सकते हैं।
7. वही काम आप का रेट आप आपके कॉन्ट्रेक्टर से लेके उसमे आपका 2% प्रॉफिट जोड़के आगे आपके नाम पे कोटेशन दे सकते हैं, लेकिन ये बात आप आपके कॉन्ट्रेक्टर के साथ करीए नही तो मिस अंडरस्टैंडिंग हो सकती है।


                      आप आपके कॉन्ट्रेक्टर  पेमेंट की गारेंटी और क्वालिटी, बिलिंग का 2% लेने वाले हैं ये बात उनसे साफ साफ करिये, ताकि वो भी आपके साथ जुड़के काम कर सके।
                      ऐसा करके आप धीरे धीरे आपके का बिजनेस स्टार्ट कर सकते है। इसमें आपको आपकी जेब से एक भी पैसा नही देना पड़ेगा।
बिज़नेस के और ऐसे बहुत तरीके हैं, जिनसे आप आपके बिज़नेस स्टार्ट कर सकते है।
                     अगर आपको और तरीके जानने हो तो हमें director. cbec@gmail. com पे मेल कीजिये। आपको हमारी तरफ से पूरी जानकारी फि जाएगी।


                     आप CBEC INDIA के साथ जुड़कर भी आपका बिज़नेस स्टार्ट कर सकते हैं। इसकी अधिक जानकारी के लिए आप हमें आपके बॉयोडाटा मेल कर सकते हैं।
                    लेकिन एक बाबत याद रखिये आपको हार्डवर्क करनाही पड़ेगा, इसका, कही भी, कहाँ भी शॉर्टकट नही है। और अपने काम के बारे में सदा प्रामाणिक रहें।


तो अब आप क्या करना पसंद करेंगे?



Saturday, February 9, 2019

सिविल इंजीनियर ये 12 गलतियां क्यों करते हैं?

सिव्हिल इंजीनियर कैसे यह 12 गलतियां करते हैं?

                    आज कल हर देश के हर एक गली में पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेज खुल गया है। इसलिए इंजीनियरिंग का अध्ययन सबको बहुत आसान हो चुका है। यह एक बहुत अच्छी बात है कि सबको शिक्षा का सामान अधिकार है। लेकिन इन सब कॉलेजमेसे कुछ कॉलेज अच्छी तरह से नही पढ़ाती है। और दूसरी और बहुत महत्वपूर्ण बात यह है कि लगभग 60% इंजीनियरिंग शिक्षा लेनेवाले लड़के ध्यान देके नही पढ़ते हैं, बहुत सारे लड़के तो कॉलेज में आना पसंद नही करते। अपने ही मन से पढ़ाई करते है। मतलब उनका जब मन करे तब पढ़ते है। ज्यादातर लड़के परीक्षा के एक दिन पहले पढ़ना पसंद करते है। जैसे कोई आइंस्टाइन हो।



                      ऐसा करके वो पास तो हो जाते हैं। लेकिन वो कॉलेज पूरा करने के बाद अच्छी जॉब ढूंढने के बहुत तरसते हैं। और अगर कही एक दूसरी जॉब मिल भी गयी तो वो वहाँ पे बहुत सारी गलतियां करते है। वो कौनसी गलतिया है, और कैसे हो जाती है इसका विवरण हम विस्तृत से जानेंगे तकि उस गलतियों को सुधारने का तरीका ढूंढेंगे।



1. प्रोजेक्ट के ड्रॉइंग को अच्छे से नही समझना।

     बहुत सारे इंजीनियर ऐसे है जिनको 5-7 साल के अनुभव के बाद भी ड्राइंग नही समझ मे नही आते है।

2. काम का स्कोप ना समझना।

कई ऐसे इंजीनियर है जिनको अपने काम का स्कोप ही पता नही होता हैं, या वो अपने प्रोजेक्ट मैनेजर या अपने सीनियर से भी न पूछते, की अपना या अपनी कम्पनि का क्या काम होगा। या किस प्रकार का वर्क ऑर्डर है। पूरे काम मेसे अपने काम का कितना पार्ट है। हमको क्या क्या करना पड़ेगा।


3. बार चार्ट न समझना।

चार से पांच साल अनुभव लिए हुए इंजीनियर को भी ये बार चार्ट वाली बात समझ मे नही आती। तो नए लोगों को को बहुत दूर की बात है, पुराने इंजीनियरिंग के अभ्यास में बार चार्ट को खाली पेपर पे ही समझना पड़ता था। अब तो नई नई टेक्नोलॉजी आई है। जिससे अपने प्रोजेक्ट का बार चार्ट आसानी नई बन जाता है। लेकिन यह बात बहु महत्वपूर्ण है कि बार चार्ट को पहले बहुत अच्छी तरह से समझना चाहिए। 


4. प्लानिंग को नजरअंदाज करना।

जिस इंजीनियर को बार चार्ट समझ मे नही आता, वह अपने प्रोजेक्ट की प्लानिंग कभी नही कर पाता है। तो बार चार्ट के साथ साथ प्लांनिग को भी उतना ही महत्व है। और बहुत इंजीनियर ऐसे है जो प्लांनिग को हर बार नजरअंदाज करते है। हर काम हो समय पे खत्म नही करते। हां, एक बात है कि कभी कभी कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। या काम मे कुछ बाधा आती है। लेकिन आप अगर सब पॉइंट को समझ मे लेकर प्लानिंग करते है। तो आप कभी फेल नही होंगे।

5. लेबर कॉन्ट्रेक्टर से प्लानिंग की बात नही करना।

काम करनेवाला लेबर कॉन्ट्रेक्टर ही होता हैं। लेकिन बहुत सारे इंजीनियर अपने काम की प्लानिंग की बात कॉन्ट्रेक्टर के साथ नही करते, और उसको पूरी बात नही समजाते है। इससे वो अपनी मन से ही काम करता है। और आपका प्रोजेक्ट समय पे खत्म नही होता है।

6. लेबर कॉन्ट्रेक्टर के काम का स्कोप न समझना।

कई साइट पे ऐसा देखा गया है कि कॉन्ट्रेक्टर को अपना क्या क्या क्या काम है ये पता ही नही चलता। और उसको इंजीनियर भी नही समजाता है।

7. हर बात पर सुपरवाइजर पे डिपेंड रहना।

बहुत सारे इंजीनियर का मानना है कि, "देख लेगा सुपरवायर" लेकिन सुपरवायजर आपकी हेल्प के लिए होता है। ओ आपके ऊपर डिपेंड होना चाहिए। नाकि आप उसपे।


8. एक का काम दूसरे को बताना।

जिस लेबर को या कांट्रेक्टर को जो काम दिया है। साइट इंजीनियर या सुपरवाइजर दूसरे कोई रुक हुआ काम दूसरे कॉन्ट्रेक्टर से पूरा करने की कोशिश करते है। जो कभी अच्छी क्वालिटी के साथ नही होता हैं।

9. खुद जिम्मेदारी न लेना और हर काम से भागने की कोशिश करना।

जब कहाँ पे कोई गलती होती है और वो पकड़ी जाती है तो बहुत सारे इंजीनियर अपने काम की जिम्मेदारी नही लेते है। और " ये मेरा काम नही है" , "मैं उस समय वहां नही था" , "मैंने सुपरवाइजर को बोला था, या कॉन्ट्रेक्टर को बोला था"। ऐसा बोलकर  भागने की कोशिश करते हैं।     

10. सेफ्टी को नजरअंदाज करना।


अपना काम जल्दी जल्दी पूरा करने के चक्कर मे बहुत इंजीनियर अपने लेबर या वर्कर के सेफ्टी को नही देखते है, इससे बड़ी दुर्घटना हो सकती हैं।

11. हर काम का स्टैण्डर्ड प्रोसीजर को फॉलो नही करना।

बहुत इंजीनियर को अपने काम करने की प्रोसेस ही मालूम नही है। जैसे कंक्रीट करने के लिए क्या मटेरियल  लागनेवाला है यह पता होता है लेकिन कितना लगनेवाला ये भी पता नही होता है और कंक्रीट कैसे बनाते हैं। ये भी पता नही होता है।

12. डेली रिपोर्टिंग नही करना।

अपने आलस के या अपनी जिम्मेदारी से भागने के लिए बहुत सारे के इंजीनियर आज दिन में हुए काम का रिपोर्ट नही बनाते।


                       ऐसा करके यह इंजीनियर 3-4 साल निकाल लेते हैं लेकिन उसके बाद उनको बहुत चैलेंजेस झेलने पड़ते है, और बहुत सारे इंजीनियर बाद में इधर उधर नए नए क्लासेस लगाने के चक्कर मे पड़ जाते हैं।
सच देखा जय तो किसी भी साईट इंजीनियर को कोई भी क्लास लगाने की जरूरत नही है। अगर शुरू से अच्छे तएके से कम करेंगे तो बहुत आगे जा सकते हैं।







Wednesday, February 6, 2019

Gurukrupa Enterprises, Door & Furniture Carpenter, Pune

GURUKRUPA ENTERPRISES

Door Carpenter

Gurukrupa Enterprises is founded in 2017 in Pune and started to work in Flat Furniture Work up to last year and after giving good quality and experience, now they are started furniture work for residential projects, now they are just providing Carpenters to fix the door with all type of laminate fixing with good quality.


They are taking extra care of his products because the door is the final product and can not repairable easily.






Completed/Ongoing Projects : 

1. Project Name: Epitom, Wakad
    Developer Name: Kasturi Developers
    Building Type: G+17 Floor (Residential)
    Number of Flats: 68 Flats

2. Project Name: Court Yard 15, Chikhali
    Developer Name: Urban Infracon
    Building Type: G+11 Floor (Residential)
    Number of Flats: 110 Flats
     
3. Project Name: Swarup
    Developer Name: Swarup Construction
    Building Type: Residential
    Number of Flats: 



Working Procedure

Making of Door frame in 12mm Ply and 18mm Ply and Sizing the door shutter as per the actual size of fame after that laminate pasting work well done and at a time laminate pasting for door shutter is in progress and after laminate fixing on Frame and Shutter, it will be fixed on the frame.
After fitting the door then all accessories will be fitted on the door.



Accessories to be fitting by 

For Main Door: SS Hinges, Aldrop, Mortise Lock, Magnetic Catcher, Eye Piece, Chain Latch, Night Latch, Tower Bolt, Door Stopper. 

For Bed Door: SS Hinges, Aldrop, Cylindrical Lock with Key, Magnetic Catcher, Door Stopper, Night Latch, Tower Bolt.

For Toilet Door: SS Hinges, Aldrop, Cylindrical Lock without Key, PVC Stopper, Night Latch.





Available Staff & Labours

Supervisor : 01 Nos
Carpenters : 10 Nos
Helpers : 10 Nos







List of Clients 

Urban Infracon
Kasturi Developers
Swarup Construction







Contact Details 

Gurukrupa Enterprises
Dhanaji Sutar
Contact No.: 7038721108, 9763232458
Mail id : gurukrupaenterprises@gmail.com









Team CBEC
(Note: This information is provided by contractor/contractor representative, CBEC is not responsible for any mismatch or not responsible for any reviews from the reader, it is a just mediator to reach up to more peoples)








Tuesday, February 5, 2019

Suraj Construction, RCC Contractor, Pune

Suraj Construction

RCC Contractor

              Suraj Construction is growing construction contractor firm in Pune, company is running on the base of good knowledge and experience of his Director Mr. Santosh Bhorde. He was started the company in 2016, and started from small bungalow projects and now growing with big residential projects in all over pune and around pune.





             This company have around 15000 Sq ft Shuttering Material with lot of advanced machineries required to complete the construction site. 

Now they are specialized in Residential, Commercial and Industrial Projects with Strong, Experienced & Dedicated Management Team & Skilled Work Force and with this strength they are committing to Delivering Projects on Time with emphasis on Quality & Safety. 





Completed and Ongoing Projects

1. Triaa Aashray, Shirwal 
   Scope of Work: RCC Work (With Shuttering Material)
   Area : 50000 Sq ft
   Building Type : G+7 (Residential)

2. Sai Shriya Samruddhi, Wagholi
    Scope of Work : RCC Work (With Shuttering Material)
   Area : 150000 Sq Ft
  Building Type : G+12 (Residential)

3. Bunglow Projects
    Shivapur 
    Scope of Work : RCC Work (With Shuttering Material)
    Area : 10000 Sq ft
   
    Balaji Nagar
    Scope of Work : RCC Work (With Shuttering Material)
    Area : 10000 Sqft

    Yewalewadi
    Scope of Work : RCC Work, BBM & Plaster, Tiling, Etc
    Area : 10000 Sq ft


List of Available Equipments



List of Staff & Labours

Jr. Engineer- 02 Nos
Supervisor- 02 Nos
Shuttering Labour - 10 Nos
Fitter Labour - 10 Nos
Concreting Labour - 5 Nos (Slab Casting Will be by Concreting Gang)


List of Clients

Urban Infracon, Pune
Sai Shriya Developers, Pune



Contact Details 

Suraj Construction
Santosh Bhorde
Mail id : surajconstructions@gmail.com





Team CBEC
(Note : This information is provided by contractor/contractor representative, CBEC is not responsible for any mismatch or not responsible for any reviews from reader, it is a just mediator to reach upto more peoples)